मैं कहने की चाह में
कहता कहता रह गया
चाहत, चिता, चित्त
ढोते ढोते रह गया
रात जागी दिन जगाया
सोता सोता रह गया
बे - बात , बित्ता बात
सुनते सुनते रो गया !
उड़ने दो , उड़ने दो बच्चों को उड़ने दो ... गर नाक अटक जाए तो भी तो उड़ने दो .. जिस ऊर्जा का संचार प्रवाह हो उद्दंड उसको भी उड़ने दो कह...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें