मैं कहने की चाह में
कहता कहता रह गया
चाहत, चिता, चित्त
ढोते ढोते रह गया
रात जागी दिन जगाया
सोता सोता रह गया
बे - बात , बित्ता बात
सुनते सुनते रो गया !
#लोकरंग #traindiary खेतों की सोंधी मिट्टी से उपजे शमशुद्दीन की रस भरी आवाज़ में सुनिये "चला घुमा दे ऐ गोरी जीला कुशीनगर में" ...
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