प्रेम कहना
और उड़ लेना
ततैये के पंख पर
हो लेना
हवा के साथ
समय से दूर
उस व्यक्ति से भी
जिससे आप प्रेम करते हैं।
बचा के रखना होता है
प्रेम को
उन पलों के लिए
जिनकी साख पर
क्रूर हांथों वाली
जानलेवा महामारी
तांडव करती है ।
उड़ने दो , उड़ने दो बच्चों को उड़ने दो ... गर नाक अटक जाए तो भी तो उड़ने दो .. जिस ऊर्जा का संचार प्रवाह हो उद्दंड उसको भी उड़ने दो कह...
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