प्रेम कहना
और उड़ लेना
ततैये के पंख पर
हो लेना
हवा के साथ
समय से दूर
उस व्यक्ति से भी
जिससे आप प्रेम करते हैं।
बचा के रखना होता है
प्रेम को
उन पलों के लिए
जिनकी साख पर
क्रूर हांथों वाली
जानलेवा महामारी
तांडव करती है ।
कौन हो तुम जो समय की खिड़की से झांक कर ओझल हो जाती हो तुम्हारे जाने के बाद तुम्हारे ताज़ा निशान भीनी खुशबू और गुम हो जाने वाला पता महस...
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