कुल पेज दृश्य

रविवार, 12 जुलाई 2020

पानी पढ़ना !







भीतर जब बेचैनी हो
पानी पढ़ना !
झीने कपड़े , फटी निकरिया
पानी पढ़ना !
आसमान से बरसे हर्फ
पानी पढ़ना !

कोई टिप्पणी नहीं:

बच्चों को उड़ने दो ..

 उड़ने दो , उड़ने दो  बच्चों को उड़ने दो ... गर नाक अटक जाए  तो भी तो  उड़ने दो ..   जिस ऊर्जा का  संचार प्रवाह  हो उद्दंड  उसको भी  उड़ने दो  कह...