तुम्हारे पुराने पते पर
मैंने कई ख़त लिखेख़त में तुम्हारा नाम
नही लिखा कभी
न लिखी आपबीती
न भारी समय की व्यथा
क्या लिखता तुम्हे
नए पते पर
जहाँ अब मैं नही रहता
ख़त में लिखी बातें
पते के साथ
अर्थ बदल देती हैं ।
उड़ने दो , उड़ने दो बच्चों को उड़ने दो ... गर नाक अटक जाए तो भी तो उड़ने दो .. जिस ऊर्जा का संचार प्रवाह हो उद्दंड उसको भी उड़ने दो कह...
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